NRDMS # भूगोल और आप

जीआईएस के माध्यम से चुनाव मानचित्रण

1952 के पहले आम चुनाव मेंए भारत में 176 लाख पंजीकृत मतदाता थेए जबकि 2014 के आम चुनावों में देश में 814 मिलियन पंजीकृत मतदाता (इंडिया टुडेए 2014) थे। भारत के लोग, संसद, राज्य विधानसभा, पंचायत और नगर पालिका के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। विधान सभा के सदस्य (विधायक) राज्य स्तर की सरकार बनाने के लिए चुने जाते हैं, संसद सदस्य (एमपी) राष्ट्रीय स्तर की सरकार का गठन करते हैं। जीआईएस का इस्तेमाल स्थानिक...

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नगरीय विन्यास के नियोजन में सड़क का महत्व

नगर निर्माण की योजना में सड़कों का स्थान महत्वपूर्ण है। नगरीय विन्यास के नियोजन में सड़कें विन्यास के लिए आधार तैयार करती हैं। लोगों के आवागमन और यातायात की सुविधा, सामान ढोने के लिए परिवहन की सुविधा, आवासीय क्षेत्रों, बाजारों, कार्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, शिक्षण संस्थानों और न्यायालयों को एक-दूसरे के साथ जोड़ने का काम सड़कों के द्वारा होता है। मैदानी क्षेत्रों में अवस्थित नगरों...

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भूकम्प के बाद ध्यान देने योग्य बातें

भूकम्प के बाद सबसे पहले आप अपने शरीर में चोट या ज़ख्म की जांच करें। अक्सर लोग अपने ज़ख्म की ओर देखे बिना अन्य लोगों की सहायता शुरू कर देते हैं। यदि आप स्वयं ज़ख्मी नहीं हुए हों या आप अपनी चोट का प्राथमिक उपचार करवा लें तो दूसरों की देखभाल बेहतर ढंग से कर पायेंगे। आगे और चोट से बचने के लिए लंबी पैंट और लम्बे बाजू वाला कमीज (शर्ट) पहन लें, भारी जूते पहनें और हाथ में दस्ताने डाल लें। इससे आप किसी...

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कम्प्यूटर आधारित भौगोलिक सूचना प्रणाली अर्थात् जीआईएस

भौगोलिक सूचना-प्रणाली या जीआईएस (ज्यॉग्राफिक-इन्फार्मेशन-सिस्टम) कंप्यूटर-आधारित सूचना-प्रणाली है। इसका प्रयोग भूमंडल के विभिन्न मानक अन्तः खंडों को आंकिक (Digitally) रूप में प्रस्तुत और विश्लेषित करने में होता है। आपको याद होगा कि भूतल के स्थानिक गुण (Spatial Attributes) तो होते ही हैं, साथ में अस्थानिक-गुण के रूप में संख्यावाची (Digitally) भी होते हैं जो रेखाचित्रीय नहीं होते। इस बात को सरल शब्दों में इस...

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भूस्खलन जोखिम के मानचित्रण में जीआईएस अनुप्रयोग

भौगोलिक सूचना प्रणाली ;जीआईएसद्ध को स्थानिक डेटा पर नियंत्रण करनेए संग्रह करनेए प्रबंधित करनेए प्रदर्शित करने और विश्लेषण करने के लिए तैयार किया जाता है जिससे उपयोगकर्ता विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए भौगोलिक सूचना का उपयोग कर सकते हैं। यह स्थानिक डेटा की अवधारणा के लिए एक व्यवहार्य उपकरण के रूप में काम करता है और संगठनों के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली के निर्माण में सहायता करता है।...

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कर्नाटक में पत्थर विखंडन इकाईयां और एनआरडीएमएस

पत्थर विखंडन बड़े पत्थरों को अपनी आवश्यकताओं के आधार पर छोटे पत्थरों में विभाजित करने की प्रक्रिया है। विखंडन पत्थर विभिन्न निर्माण गतिविधियों के लिए कच्चे माल हैं और इनका सड़कों, राजमार्गों, भवनों, पुलों तथा अन्य निर्माणों में उपयोग किया जाता है। सीमेंट उत्पादों जैसे कंकरीट, खोखले ब्लॉक, दरवाजा फ़्रेम और सड़क बिछाने के लिए भी इनका उपयोग आवश्यक है। निर्माण गतिविधियों की बढ़ती संख्या...

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नगरीय क्षेत्र की जनगणना संकल्पना

भारत में शहरी क्षेत्रों की पहचान की कसौटी बिल्कुल अलग है। हमारा तात्पर्य है, भारत में शहरी क्षेत्रों की पहचान और उन्हें निर्धारित करने का तरीका अन्य देशों से भिन्न है। क्या आप जानते हैं कि 1901-51 तक शहरी क्षेत्रों के लिए जनगणना की परिभाषा कमोबेश एक समान थी, जबकि हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि 1901 से 1951 तक भारत के नगरीय आकार, संख्या, प्रसार, सभी कुछ में बहुत ज्यादा बदलाव हो चुके थे। अंततः 1961 में...

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बहुप्रकार लाभकारी है बांस के शूट का उपयोग

संजीवनी या पुनः जन्म देने वाला जड़ी जिसका अविष्कार व प्रचार रामायण के समय में  किया गया, वह है बांस, जो मूलतः एक घास है और वैदिक काल में इसे दवा या इमारती कार्य में लाने के अनेक प्रमाण मौजूद हैं। आमतौर पर मनुष्य ने बांस का प्रयोग अपने जीवन में, चाहे वह वैदिक काल रहा हो या आज का नवयुग, प्रचुर मात्रा में किया है। सामान्य जानकारी : आज के समय में मनुष्य ने लकड़ी को अपनी जरूरत की पहली पसंद बनाकर...

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अल-निनो की उत्पत्ति व प्रभाव की स्थितियां

अल-निनो एक सागरीय गर्म धारा है जो सामान्यतया सुव्यवस्थित तथा मार्ग का अनुसरण करते हुए प्रवाहित होती है। यह भूमध्यरेखीय पवन प्रवाह से सम्बन्धित है तथा यह अपने उत्पत्ति कारकों के साथ- साथ बदलती रहती है। यह पीरू एवं इक्वेडोर के तट पर प्रवाहित होती है। समय के अनुसार वायुदाब तथा पवन संचार में परिवर्तन से यह प्रत्यक्ष रूप में प्रवाहित होती है। यह सापेक्षिक रूप से विश्व जलवायु प्रतिरूप...

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शहरों में मलिन बस्तियों का विकास तथा लक्षण

मलिन बस्तियाँ शहरों में अवस्थित ऐसे क्षेत्र होते हैं जिनमें निम्न स्तर की आवास व्यवस्था होती है। एक मलिन बस्ती सदैव एक ऐसा क्षेत्र होता है, जिसमें एक से अधिक आवास होते हैं। डिकिन्सन के अनुसार मलिन बस्ती नगर के उस भाग को कहते हैं, जहाँ पर मकान रहने योग्य न हो और जहां का वातावरण नागरिकों के स्वास्थ्य एवं उनकी नैतिकता के लिए हानिकारक हो। इस प्रकार मलिन बस्ती यह शहर का सघन बसा क्षेत्र होता...