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ग्रीष्म ऋतु में हीट वेव लेकिन तापमान में कमी रहेगी

भारतीय मौसम विभाग द्वारा 1 अप्रैल, 2018 को जारी ‘ऋतुनिष्ठ दृष्टिकोण‘ के अनुसार अप्रैल-जून 2018 के महीनों में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान ‘औसत से ऊपर’ रहेगा।’ आईएमडी आलोच्य अवधि अप्रैल-जून को वास्तविक ग्रीष्म ऋतु मानता है। ‘औसत से ऊपर’ तापमान की स्थिति का मतलब है कई जगह हीट वेव की स्थिति भी रहेगी। हालांकि आईएमडी का कहना है कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने के बावजूद वर्ष 2017 की तुलना में यह कम ही रहेगा।

-आईएमडी के अनुसार अप्रैल से जून 2018 में देश के कोर या मुख्य उष्ण लहर या हीट वेव (लू) क्षेत्रों में सामान्य से लेकर सामान्य से ऊपर तक तापमान रहने का अनुमान है। भारत के कोर हीट वेव जोन हैं; जम्मू-कश्मीर, पंजाब, एचसीडी (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली), हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी एवं पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी एवं पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं छत्तीसगढ़।

-ज्ञातव्य है कि आईएमडी ने वर्ष 2017 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष माना था। इसी तरह वर्ष 2016 को वर्ष 1901 के पश्चात का सबसे गर्म वर्ष माना गया था।

क्या होता है हीट वेव?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार किसी स्टेशन पर अधिकतम तापमान मैदानी भागों में 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक, तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तथा पहाड़ी क्षेत्रों में यह तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाये तो वह हीट वेव की स्थिति होती है।

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