भूगोल और आप |

एशियाई शेर की मौत की घटनाओं में वृद्धि

एशियाई शेर केवल भारत में गुजरात राज्य के जंगल में ही पाए जाते हैं। गुजरात राज्य सरकार द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, उनके राज्य में मिलने वाले एशियाई शेर की प्रजाति के मृत्युदर में वृद्धि हुई है। एशियाई शेर की प्रजाति के मृत्युदर में वृद्धि प्राकृतिक व अप्राकृतिक, दोनों कारणों से हुई है। प्राकृतिक कारण शेरों के बीच लड़ाई, बीमारी और चोटों से दम तोड़ने, शावकों की मृत्यु, वृद्धावस्था आदि जैसे होते हैं। अप्राकृतिक मौतें सड़क और रेलवे दुर्घटनाओं तथा राजस्व क्षेत्र में खुले कुंओं में गिरने के कारण होती हैं। इसके अलावा, वर्ष 2015 में अमरेली जिले में तेज बाढ़ की प्राकृतिक आपदा के बाद भारी बारिश में 10 शेर डूबने के कारण मरे।

गुजरात राज्य में एशियाई शेर की मौत को रोकने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों में शामिल हैं-

  • शेरों सहित वन्यजीवों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने और उनके पर्यावास में सुधार करने के लिए केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम – ‘वन्यजीव पर्यावासों का एकीकृत विकास’ के अंतर्गत गुजरात राज्य सरकार को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।
  • राज्य सरकार द्वारा राजस्व क्षेत्र में खुले कुंओं के आस-पास मुंडेर की दीवारों के निर्माण की स्कीम क्रियान्वित की गयी है। इस स्कीम के अंतर्गत मुंडेर की दीवारों के निर्माण के लिए फार्म स्वामियों को 50 प्रतिशत सहायता प्रदान की जाती है।
  • रेलवे ट्रैक को पार करते समय शेरों की मौतों को टालने के लिए अमरेली जिला में रेलवे ट्रैक के दुर्घटना आशंकित हिस्से के दोनों तरफ चेन से जुड़ी तार की दीवार का निर्माण।
  • रेलवे ट्रैक पर सुरक्षित भूमिगत और ऊपरी मार्गों का निर्माण।
  • सड़क पर गति अवरोधकों का निर्माण और सड़क पर सूचनापट का प्रदर्शन आदि।
  • शेरों के संरक्षण के लिए लोगों को शिक्षित करने के लिए जन सभाओं, प्रकृति शिक्षा शिविरों, वन्यजीव सप्ताह उत्सव, पारि-क्लब कार्यकलापों के माध्यम से जनता में जागरूकता सृजित की जाती है।
  • शेरों को बचाने के लिए घायल पशुओं के प्रभावी और दक्ष बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
  • बीमार और घायल शेरों के उपचार के लिए आधुनिक अस्पताल सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं।

गौरतलब है, 2013 में 76, 2014 में 78 और 2015 में 91 एशियाई शेर विभिन्न कारणों से मौत का शिकार बने।

Post a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.