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किसी एक्सोप्लैटनेट के वायुमंडल में पहली बार हीलियम गैस की खोज

शोधकर्त्ताओं ने  WASP-107b  सुपर नेपच्यून नामक एक्सोप्लैटनेट के वायुमंडल में हीलियम गैस को खोजा है जो एक ऐसे सूर्य का चक्कर लगा रहा है जो हमारी सौर प्रणाली से काफी दूर है।

-हमारी सौर प्रणाली के बाहर किसी एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल में पहली बार हीलियम गैस की खोज की गई है।

-जिस WASP-107b ग्रह के वायुमंडल में हब्बल टेलीस्कोप से हीलियम का पता चला है उसे वर्ष 2017 में ही खोजा गया था।

-यह एक्सोप्लैनेट पृथ्वी से 200 प्रकाश वर्ष दूर विर्गो नक्षत्र में स्थित है।

-नेचर पत्रिका में प्रकाशित शोध के मुताबिक हमारे ब्रह्मांड में हाइड्रोजन के पश्चात दूसरा सर्वाधिक उपलब्ध तत्व है। हमारी सौर प्रणाली के गैस युक्त ग्रहों में हीलियम मुख्य संघटक है। शोध के अनुसार आरंभिक सैद्धांतिक मॉडल यही कहता रहा है कि एक्सोप्लैटनेट के वायुमंडल में हीलियम को आसानी से पता लगाया जा सकता है परंतु अब तक ऐसा संभव नहीं हो पाया था। लेकिन अब पहली बार एक्सोप्लैनेट में हीलियम का पता लगाया गया है।

शोधकर्त्ताओं का मानना है कि यह खोज वैज्ञानिकों को सूंपर्ण ग्लैक्सी में पृथ्वी के आकार के एक्सोप्लैनेट के आस-पास के और अधिक वायुमंडल की खोज का मार्ग प्रशस्त करेगा।

-सुदूर ग्रहों के वायुमंडल का अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिकों को उस वक्त का इंतजार करना होता है जब यह अपना मेजबान तारा एवं पृथ्वी के बीच से गुजरे। इससे निकले प्रकाश के अन्य आकाशीय पिंडों द्वारा बाधित होने से पहले कुछ प्रकाश विश्व के वायुमंडल से गुजरता है। उस ग्रह से निकले प्रकाश के दूसरे ग्रहों की वायु से गुजरते समय उसमें हो रहे परिवर्तन के आधार पर वैज्ञानिक उस ग्रह के वायुमंडल की संरचना को समझने में सफल होते हैं।

-उपर्युक्त शोध अध्ययन यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर की जेसिका स्पेक के नेतृत्व में किया गया।

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