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पशु मांस व शिकार पर निर्भर मानव प्रजातियां

विश्व में कुछ मानव प्रजातियां ऐसी भी हैं जिनको अपने भोजन के लिए पशु मांस अथवा मछली आदि मत्स्य प्रजातियों पर निर्भर रहना पड़ता है। पशु मांस पर निर्भर रहने वाली ये मानव प्रजातियां पृथ्वी के टुंड्रा प्रदेश, भूमध्यरेखीय प्रदेशों और मरुस्थलीय प्रदेशों में पायी जाती हैं। इन प्रजातियों के बारे में संक्षिप्त वर्णन निम्न प्रकार है :

एस्किमो : साधारण रूप से ’एस्किमो’ शब्द का मतलब होता है, कच्चा मांस खाने वाला। भोजन के लिए पशु मांस पर निर्भर रहने वाले ये लोग ग्रीनलैंड के तटीय क्षेत्रों, कनाडा के उत्तरी क्षेत्र और उत्तरी अमेरिका महाद्वीप स्थित शीत प्रदेश अलास्का में पाये जाते हैं। ये अपना भोजन शिकार के द्वारा उपलब्ध पशु मांस से प्राप्त करते हैं। समुद्र तटीय क्षेत्रों की मत्स्य प्रजातियां व्हेल, सील, वौलरस इनके शिकार एवं भोजन का प्रमुख आहार हैं। इनके अलावा, ध्रुवीय प्रदेशों के सफेद रीछ और रेनडियर के शिकार से प्राप्त पशु मांस भी इनका आहार है।

पिग्मी : भूमध्यरेखा पर स्थित अफ्रीका महाद्वीप का मध्यवर्ती क्षेत्र जिसे कांगो बेसिन कहा जाता है, पिग्मी लोगों का आवासीय इलाका है। आदिम शैली का जीवन जीने वाले पिग्मी अपने क्षेत्र में मौजूद विभिन्न प्रकार के पशुओं हाथी, बंदर, साँप, चूहा, मछली का शिकार करके अपना अपना पेट भरते हैं। पशु मांस के अलावा प्राकृतिक जल संसाधनों में उपलब्ध मत्स्य प्रजातियां भी इनका भोजन बनती हैं।

बुशमैन : दक्षिणी अफ्रीकी क्षेत्र में स्थित कालाहारी मरुस्थल में निवास करने वाली आदिम जनजाति ‘बुशमैन’ स्वभाव से घुमन्तू हैं। ये एक स्थान से दूसरे स्थान तक अपने भोजन की तलाश में घूमते रहते हैं। जब भी कोई जानवर इनका शिकार बन जाता है, प्राप्त पशु मांस का उपयोग ये लोग अपने भोजन के रूप में कर लेते हैं। ये अपने शिकार को मारने में तीर-कमान, कटार अथवा कुल्हाड़ी का प्रयोग करते हैं। जेब्रा, जिराफ, एंटीलोप, खरगोश, गिद्ध, बतख, मेढ़क, छिपकली, मछली और कीट-कृमि इनका भोजन हैं।

युकाघिर : टुंड्रा प्रदेश का पूर्वी साइबेरियाई क्षेत्र जो स्टैनोवाई पर्वत श्रेणी और बरखोयांस्क के उत्तर तक फैला हुआ है, युकाघिर इसी इलाके के निवासी हैं। ये अपने भोजन के लिए रेनडियर के शिकार से प्राप्त पशु मांस पर निर्भर हैं।

निष्कर्ष : कृषि योग्य भूमि का अभाव और वर्तमान मानव सभ्यता की आधुनिक परम्पराओं शिक्षा एवं संस्कृति से अपरिचित होना, कुछ मानव प्रजातियों के लिए भोजन हेतु पशु मांस पर निर्भरता का कारण है। इनको मानव समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है। तभी इनका बौद्धिक विकास संभव है।

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