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– भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात का पूर्वानुमान

उष्णकटिबंधीय चक्रवात, खासकर भारत के पूर्वी समुद्रतट पर, हमेशा से ही जानमाल के नुकसान के प्रमुख कारण रहे हैं। चक्रवात के पथ एवं उनके धरती पर पहुंचने का सटीक पूर्वानुमान, उसके रास्ते में पड़ने वाली तटीय आबादी को भारी राहत दे सकता है।

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के विश्लेषण एवं पूर्वानुमान में अवधारणात्मक, गतिकीय एवं सांख्यिकीय मॉडलों, मौसम वैज्ञानिक डाटा सेटों, प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता के मिश्रण की प्रक्रिया शामिल होती है। उपग्रह, राडार एवं संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान डाटा के प्रयोग से मौसम के विभिन्न प्राचलों को आलेखित एवं विश्लेषित करने के लिए अंकीय परिवेश में एक निर्णय समर्थन प्रणाली का प्रयोग किया जाता है। इस संकर प्रणाली में उच्च गुणवत्ता के विश्लेषण एवं पूर्वानुमान सृजित करने, 120 घंटे तक के पश्च एवं पूर्वानुमान ट्रैक तैयार करने, ट्रैक पूर्वानुमान में अनिश्चितता का वर्णन करने तथा किसी उष्णकटिबंधीय चक्रवात के विभिन्न क्षेत्रों में पवन की दिशा एवं गति के पूर्वानुमान हेतु आधुनिक ग्राफीय एवं भौगोलिक सूचना पद्धति द्वारा समर्थित संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल के ऊपर एक संक्षिप्त तरीका अभिचित्रित किया जा सकता है। पड़ोसी देशों के राडार नेटवर्क, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय केंद्रों की उपग्रह छवियों एवं विश्लेषण तथा पूर्वानुमान उत्पादों से अतिरिक्त सहायता प्राप्त की जाती है।

चक्रवात की उत्पत्ति का पूर्वानुमान

उत्तरी हिंद महासागर के ऊपर यदि 17-27 नॉट की अधिकतम सतह पवन का दबाव बनता है तो ऐसा कहा जाता है कि चक्रवात की उत्पत्ति हो गई है। चक्रवात की उत्पत्ति के लिए समुद्र सतह तापमान, महासागर की तापीय ऊर्जा, ऊर्ध्वाधर पवन दबाव, निम्न स्तरीय भ्रमिलता, मध्य स्तरीय सापेक्ष आर्द्रता, ऊपरी सतह में अपसरण, नम गतिहीन स्थिरता और निचले से ऊपरी स्तर की पवनों पर विचार किया जाता है।  चक्रवात की उत्पत्ति को चरणबद्ध तरीके से मॉनीटर करने के लिए संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल विश्लेषणों के इन स्रोतों के साथ-साथ उपग्रह एवं राडार के लक्षणात्मक प्रेक्षणों का मूल्यांकन किया जाता है।

उत्तरी हिंद महासागर के लिए उत्पत्ति संभाव्यता प्राचल का विकास चार चरों के उत्पाद के रूप में किया गया है – निचले स्तरों पर भ्रमिलता, मध्य क्षोभमंडलीय सापेक्ष आर्द्रता, मध्य क्षोभमंडलीय अस्थिरता और ऊर्ध्वाधर पवन दबाव। उत्पत्ति संभाव्यता प्राचल का प्रचालनात्मक रूप से इस्तेमाल प्रारंभिक चरणों में चक्रवात की उत्पत्ति के पूर्वानुमान हेतु किया जाता है। यह संभावनाशील पूर्वानुमान अगले 72 घंटों में उत्पत्ति की 0, 1-25, 26-50, 51-75 और 76-100 प्रतिशत संभावना के अनुसार शून्य, साधारण, मध्यम, भारी एवं बहुत भारी संभावना के रूप में जारी किया जाता है।

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के पथ का पूर्वानुमान

प्रारंभिक अवस्थिति का निर्धारण करने के बाद उष्णकटिबंधीय चक्रवात के पथ एवं उसकी तीव्रता के पूर्वानुमान का प्रयास किया जाता है। जहाँ अल्पावधि पूर्वानुमान (12 – 24 घंटे तक) में संक्षिप्त, सांख्यिकीय और उपग्रह……राडार मार्गदर्शक सहायक होते हैं, वहीं संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान का प्रयोग मुख्यतः 24 – 120 घंटों के पूर्वानुमान हेतु किया जाता है। निश्चयात्मक संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान के अलावा पथ पूर्वानुमान हेतु बहु मॉडल समष्टि एवं एकल मॉडल समष्टि पूर्वानुमान प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है। अंततोगत्वा आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करने के लिए सर्वमान्य पूर्वानुमानों का उपयोग किया जाता है जो आंशिक अथवा पूर्ण संख्यात्मक पूर्वानुमान को इकट्ठा करता है और संक्षिप्त तथा सांख्यिकीय मार्गदर्शन का इस्तेमाल करता है।

उष्णकटिबंधीय चक्रवात की तीव्रता का पूर्वानुमान

72 घंटे तक की तीव्रता के 12-12 घंटे के रियल टाइम पूर्वानुमान हेतु एक सांख्यिकीय गतिकीय मॉडल लागू किया गया है। रियल टाइम पूर्वानुमान के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वैश्विक पूर्वानुमान प्रणाली के पूर्वानुमान क्षेत्रों के आधार पर मॉडल प्राचल तैयार किए गए हैं। उपग्रह विधि में, ऐसा माना जाता है कि उच्चतर पवनों के साथ अधिकतम परावर्तकता एवं मेसोस्केल आर्द्रता जुड़ी होती है। राडार तकनीक में, प्रत्यक्ष पवन प्रेक्षण रेडियल संवेग मापनों के माध्यम से उपलब्ध होते हैं। पवन पूर्वानुमान के लिए उपग्रह, राडार एवं अन्य प्रेक्षणों का बहिर्वेशन किया जाता है। अधिकतम सतह पवन ड्वार्क तकनीक द्वारा आकलनों के अलावा अन्य स्रोतों जैसे कि उपग्रह, उत्प्लव एवं जहाजों से भी स्कैटरोमेट्री पवन उपलब्ध है। आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करने के लिए सर्वमान्य पूर्वानुमानों का उपयोग किया जाता है जो आंशिक अथवा पूर्ण संख्यात्मक पूर्वानुमान को इकट्ठा करता है और संक्षिप्त तथा सांख्यिकीय मार्गदर्शन का इस्तेमाल करता है।

विभिन्न संख्यात्मक  मौसम पूर्वानुमानों में, नेशनल ओसनिक एण्ड एटमॉसफेरिक एडमिनिस्ट्रेशन, अमेरिका के सहयोग से चक्रवात की तीव्रता के पूर्वानुमान हेतु तूफान मौसम अनुसंधान एवं पूर्वानुमान युक्त एक चक्रवात विशिष्ट उच्च विभेदन मॉडल लागू किया गया है।

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