भूगोल और आप |

भूकम्प के बाद ध्यान देने योग्य बातें

भूकम्प के बाद सबसे पहले आप अपने शरीर में चोट या ज़ख्म की जांच करें। अक्सर लोग अपने ज़ख्म की ओर देखे बिना अन्य लोगों की सहायता शुरू कर देते हैं। यदि आप स्वयं ज़ख्मी नहीं हुए हों या आप अपनी चोट का प्राथमिक उपचार करवा लें तो दूसरों की देखभाल बेहतर ढंग से कर पायेंगे।

आगे और चोट से बचने के लिए लंबी पैंट और लम्बे बाजू वाला कमीज (शर्ट) पहन लें, भारी जूते पहनें और हाथ में दस्ताने डाल लें। इससे आप किसी भी चीज के टूट-फूट कर गिरने के कारण घायल होने से बच पायेंगे। पड़ोसियों की सहायता करें जिन्हें उसकी जरूरत हो। बड़े-बूढ़ों और निःशक्त व्यक्तियों के मामले में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत पड़ सकती है।

घर की जांच करें

घर की जांच करके देख लें। छोटी-मोटी आग कहीं जल रही हो तो उसे बुझा दें ताकि भूकम्प से नुकसान का जोखिम कम हो जाये। आपके पास जो भी संसाधन उपलब्ध हो, उसका प्रयोग करके छोटी-मोटी आग को बुझा देने से आग आगे नहीं फैल पायेगी।

इधर-उधर फैल गई दवाओं, ब्लीचों, गैसोलीन तथा अन्य ज्वलनशील द्रवों को तुरंत साफ कर दें। इससे आपको रासायनिक संकट के जोखिम को टालने में मदद मिलेगी।

अलमारी और कैबिनेट को सावधानी पूर्वक खोलें। उनमें रखी गई वस्तुएं भूकम्प के दौरान अपने स्थान से हट गई होंगी और आपके ऊपर गिर सकती हैं जिससे और नुकसान हो सकता या आप ज़ख्मी हो सकते हैं।

अपने घर में हुए नुकसान का निरीक्षण करें। यदि आपका घर असुरक्षित हो तो सभी को बाहर निकाल दें। भूकम्प के झटके के बाद फिर झटके आने से कमजोर मकान को और नुकसान पहुँच सकता है। यदि आपका घर क्षतिग्रस्त हो गया हो, दोबारा झटका आये उससे पूर्व ही घर से बाहर निकल जाएँ।

क्षतिग्रस्त मकान से बाहर रहें। यदि आप घर से बाहर हों तो घर में तभी वापस लौटें जब प्राधिकारियों द्वारा उसे सुरक्षित घोषित कर दिया जाये। भूकम्प के बाद आने वाले झटकों से क्षतिग्रस्त मकान नष्ट हो सकते हैं।

अपने घर का निरीक्षण करने के लिए बैटरीयुक्त लालटेन या फ्लैशलाइट का प्रयोग करें। मिट्टी तेल से जलने वाला लालटेन, टॉर्च, मोमबती और तिल्ली बुझ सकती है। दीवारों, फर्श, दरवाजों, सीढ़ियों और खिड़कियों की जाँच करके सुनिश्चित कर लें कि मकान के ढह कर गिर जाने का खतरा तो नहीं है। फिर विद्युत प्रणाली में हुई खराबी की जांच करें। यदि आपको कहीं चिनगारी, टूटे हुए तार या पिघले हुए तार नजर आये या आपको तारों के जलने का गंध लगे तो सर्किट बॉक्स के मेन फ्यूज से बिजली की लाइन बंद करें और जांच के लिए इलेक्ट्रिशयन को बुलायें। सीवर और पानी की लाइन में हुई क्षति की जांच करें। यदि आपको शक हो कि सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है तो टॉयलेट का प्रयोग नहीं करें और खुले में जायें। उखड़े प्लास्टर, सूखी दीवारों और छतों को गौर से देखें जो गिर सकते हैं।

क्षतिग्रस्त मकान से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट के स्थान पर सीढ़ियों का प्रयोग करें क्योंकि लिफ्ट में आग लग सकती है।

बाहरी जाँच करें

संकटकालीन अद्यतन जानकारी और निर्देश के लिए पोर्टेबल बैटरी द्वारा संचालित रेडियो (या टेलीविजन) का प्रयोग करें। यदि बिजली कट गई हो, तो आपकी जानकारी का यह मुख्य स्रोत हो सकती है। इस विशेष स्थिति में आपके लिए स्थानीय रेडियों और स्थानीय अधिकारियों द्वारा समुचित सलाह दी जाती है।

बिजली के टूटे तारों या फटी गैस-लाइनों को ध्यान से देखें और क्षतिग्रस्त क्षेत्र से बाहर रहें। भूकम्प के कारण पैदा होने वाले जोखि़मों को जान पाना हमेशा कठिन हो जाता है और आप आसानी से घायल हो सकते हैं।

टेलीफोन का प्रयोग केवल जान-माल पर खतरे की स्थिति में आपात-सूचना देने के लिए करें क्योंकि आपदा की स्थिति में टेलीफोन लाइन बराबर जाम हो जाती है। संकटकालीन कॉल के लिए लाइन को खाली रखने की जरूरत पड़ती है।

जानवरों पर गहराई से नजर रखें। अपने कुत्तों को बांधकर तारयुक्त बाड़ में रख दें। भूकम्प के बाद आपके पालतू जानवरों के व्यवहार में नाटकीय परिवर्तन आ जाता है। सामान्य तौर पर शांत रहने वाली और दोस्ताना व्यवहार करने वाली बिल्ली और कुत्ते आक्रामक या रक्षात्मक मुद्रा को अपना सकते हैं।

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