भूगोल और आप | भूगोल और आप फ्री आर्टिकल

मुम्बई में बारिश से आफत में जिन्दगी

मुम्बई में बारिश ने लोगों का बुरा हाल कर दिया। सोमवार, 28 अगस्त 2017 की सुबह शुरू हुई बारिश आज बुधवार, 30 अगस्त तक जारी है। मंगलवार, 29 अगस्त का दिन बारिश के भीषण कहर वाला रहा। इस दिन सुबह 8.30 से रात 9 बजे तक मुम्बई में बारिश होती रही और कोई न कोई इलाका पानी में भीगता रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान औसतन 180 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि मंगलवार से बुधवार की सुबह 8.30 बजे तक कुल 24 घंटों में 331.4 मिली बारिश दर्ज की गई। इस तरह प्रति घंटा औसतन 13.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मुम्बई में बारिश से सम्बधित आंकड़े बताते हैं कि इससे पूर्व 23 अगस्त 1997 को इससे भी ज्यादा बारिश हुई थी, जब एक दिन (24 घंटे) में 346.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। मंगलवार, 29 अगस्त को मुम्बई में बारिश का भीषण प्रकोप देखा गया, जब सुबह शुरू हुई बारिश अगले 9 घंटों तक निर्बाध जारी रही। इस दौरान 298 मिमी बारिश दर्ज हुई, औसतन प्रति घंटा 33.1 मिमी। मुम्बई में लोगों की जिन्दगी इस दौरान आफत में फंसी रही। परिवहन व्यवस्थाएं ठप हो गई। स्कूल-कालेज जाने वाले वहां नहीं पहुँच सके। ऑफिस या मार्केट जाने वाले वहां नहीं पहुँच सके। अस्पताल या डाक्टर के क्लीनिक तक जाने के लिए निकले लोग व रोगी भी वहां तक नहीं पहुँच सके। जो जहाँ था, वहीं थम कर रह गया। आम जन-जीवन के अलावा प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी एक बारगी लगभग ठप पड़ गईं। हालत संभलने तक शाम हो चली। इस एक दिन में मुम्बई के पूरे सीजन की 10 प्रतिशत बारिश हो गई।

मुम्बई में बारिश के शुरुआती दिन सोमवार को सुबह 8 बजे से अगले दिन मंगलवार को सुबह 8 बजे तक 152 सेमी बारिश दर्ज हो चुकी थी। इसके बाद मंगलवार मुम्बई में बारिश के कहर वाला दिन रहा। बुधवार को भी मुम्बई में बारिश का रुक-रुक कर होना जारी है। मौसम विभाग ने मुम्बई एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। राज्य सरकार की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है। स्कूलों-कालेजों को बंद रखने के आदेश जारी कर अवकाश घोषित कर दिया गया है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों में ही रहें। भारी बारिश के कारण घर गिरने की तीन घटनाएं हुई हैं जिनमें 6 लोगों की जान चली गई है। अनेकों स्थानों से दुर्घटनाएं होने के समाचार भी हैं जिनमें तमाम लोग घायल हुए हैं।

महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन ने मंगलवार को मुम्बई में शाम 4.30 पर ‘हाई-टाईड’ आने का अलर्ट जारी किया था और संभावना जताई थी कि समुद्र में 3.32 मीटर तक ऊँचाई वाली लहरें उठ सकती हैं। ‘हाई-टाईड’ के दौरान कई बार भारी बारिश होती देखी गई है। संयोगवश ऐसा नहीं हुआ। यदि ऐसा होता, तो सोचिए क्या होते मुम्बई में बारिश के हालात! और, कैसा हो जाता मुम्बई का जन-जीवन?

Post a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*