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लाल ग्रह मंगल के रोचक तथ्य

हमारे सौर मंडल में 8 प्रमुख ग्रह हैं, जो सूर्य का चक्कर उसके उपग्रह के रूप में लगाते हैं। इनके नाम हैं-पृथ्वी, बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून। पृथ्वी के मनुष्यों के लिए इनमें से जो ग्रह सर्वाधिक जिज्ञासा का कारण वर्षों से बना रहा है, वह है लाल ग्रह मंगल। आकाश में ताँबा धातु के रंग वाला, गोलाकार चमकता लाल ग्रह मंगल वर्तमान में पृथ्वी के विभिन्न देशों के अंतरिक्ष विज्ञानियों, शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान का विशिष्ट विषय बना हुआ है।

लाल ग्रह मंगल के धरातल का ताँबे जैसा लाल-पीला मिश्रित रंग होने का कारण यहाँ पर आयरन आक्साइड की उपस्थिति का होना है। यह पृथ्वी के समान ठोस सतह वाला स्थलीय ग्रह है। मंगल का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान के दसवें भाग के बराबर है। अतः इसकी गुरूत्वाकर्षण शक्ति कम है। यदि पृथ्वी पर किसी वस्तु का भार 100 किलोग्राम है तो लाल ग्रह मंगल पर उस वस्तु का भार मात्र 38 किलोग्राम होगा। पृथ्वी के सबसे अधिक निकट ग्रह शुक्र है और इसके बाद मंगल पृथ्वी का सबसे नज़दीकी ग्रह है। एक अंडाकार कक्षा में सूर्य का चक्कर लगाने वाले लाल ग्रह मंगल की सूर्य से औसत दूरी 23 करोड़ किलोमीटर है। सूर्य का चक्कर लगाते हुए पृथ्वी और मंगल के मध्य निकटतम दूरी 56 लाख किलोमीटर मापी गयी है। लाल ग्रह मंगल सूर्य का एक चक्कर 687 दिनों में लगाता है, अतः इसका एक सौर वर्ष 687 दिनों का होता है। मंगल का एक दिन 24 घंटे व 37 मिनट का होता है।

लाल ग्रह मंगल का धरातल पर्वत, पठार, घाटियाँ, ज्वालामुखी और मैदान वाला है। इसके वायु मंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा अत्यधिक है जिसके कारण यहाँ पर मनुष्य के लिए सांस लेना बहुत ही मुश्किल है। परन्तु लाल ग्रह मंगल पर जीवन की खोज में लगे अंतरिक्ष विज्ञानी वहाँ पर जल एवं ऑक्सीजन की उपस्थिति की संभावनायें तलाश करने का प्रयास वर्षों से कर रहे हैं। कभी-न-कभी वे अपनी कोशिशों में कामयाब होंगे, ऐसी आशा है।

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