भूगोल और आप |

धीरे धीरे होती जा रही है बूढ़ी धरती

देश विदेश में लंबे समय से भूकंप के वैज्ञानिक कारणों की खोज-खबर चल रही हैं। कुछ तीर-तुक्के भी चल रहे है। मगर इधर भू-वैज्ञानिकों ने कुछ महत्वपूर्ण और रोचक कारणों पर प्रकाश डाला है। शोधपरक तथ्य बताते हैं कि सूर्य से अलग होने पर यह धरती निरंतर उसकी चाह में उसका पीछा कर रही है। सूर्य के चारों ओर धरती का घूमना इसकी पुष्टि करता है। सूरज की चाह में निढ़ाल होती बूढ़ी धरती अब वैज्ञानिक भाषा में बुढानें लगी है। इसी बूढ़ी धरती की चाल बदल गयी है। इस बूढ़ी धरती की नब्ज टटोलने की पहल करते हुए भारतीय भौतिकविदों ने अति आधुनिक तर्क प्रस्तुत किया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलूरू के दो खंगोलविदों ने यह तथ्य पेश किया है कि शुरूआत में पृथ्वी में जो गुरुत्वाकर्षण शक्ति थी, वह अब नहीं रही, धीरे-धीरे चुक रही है। खगोलीय परीक्षण बताते हैं कि सृष्टि निर्माण के समय गुरूत्वाकर्षण शक्ति...

Post a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*