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पर्यावरण के लिए घातक है जैव विविधता ह्रास

भू-पटल  पर दिखाई देने वाली जीवों की विविधता अरबों वर्षों से हो रहे जीवन के सतत विकास की प्रक्रिया का परिणाम है। पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाये रखने के लिए जैव विविधता का होना आवश्यक है। लेकिन आधुनिक मानवीय क्रिया कलापों द्वारा जैव विविधता का निरंतर क्षय हो रहा है, जीवों की अनेक प्रजातियां लुप्त हो रही हैं या संकटापन्न हैं। जैव विविधता किसी विशेष क्षेत्र की समस्त जीवों, जातियों एवं परितंत्रों का संग्रह है अर्थात् किसी क्षेत्र में उपस्थित जीवों की विभिन्न प्रजातियों की संख्या उस क्षेत्र की जैव विविधता है। यूएसए में 1987 में प्रकाशित ‘टेक्नोलॉजी असेसमेन्ट रिपोर्ट’ में जैव विविधता को इस प्रकार परिभाषित किया गया है, ‘जीव जंतुओं में पायी जाने वाली विभिन्नता, विषमता तथा पारिस्थितिकी जटिलता ही जैव विविधता है’ । जैव विविधता शब्द का प्रयोग ई.ए.नोर्स एवं आर.ई. मेंकमैन्स द्वारा सर्वप्रथम 1980 में किया गया । जैव विविधता शब्द जो जीवों की विविधता का...

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