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सेहत के लिए नुकसान दायक है नाश्ते से परहेज

नाश्ते से आघात, हृदयघात और अचानक होने वाली मृत्यु को रोकने में मदद मिलती है। जो लोग हमेशा ही ना नाश्ते  करने से परहेज रखते हैं, उन्हें इस आदत को अभी से छोड़ देना चाहिए। आप ने बड़ों-बुढ़ों को हमेशा यह कहते सुना होगा कि ‘नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण खाना होता है’, हाल के शोधों   से इस बात की पुष्टि हुई है कि नाश्ते से परहेज रखना खराब आदतों में से एक है क्यों । कि हृदयाघात और आघात की अधिकतर घटनाएं प्रात 6 बजे और 12 बजे के बीच होती है और इसमें सबसे अधिक घटनाएं सुबह 8 और 10 बजे के बीच होती है। अतः नाश्ता इसके लिए महत्वपूर्ण निरोधक का कार्य करता है।

तंत्र : रक्त के छोटे-छोटे कण जिन्हें प्लेटलेट्स कहा जाता है जो हमें चोट लगने के दौरान शरीर से बहने वाले रक्त को रोकने में मदद करते हैं और हम मृत्यु से बच जाते हैं; कोलेस्ट्राल या धमनी की शिरा प्लेक बनने के कारण आपस में चिपक सकते हैं। सुबह के समय ये प्लेटलेट्स काफी सक्रिय हो जाते हैं और बारम्बार तेजगति से रक्त के अन्दर थक्का बनाने की प्रवृत्ति होती है। जबकि, हल्का नाश्ता ले लेने से भी प्लेटलेट्स की सक्रियता रूक जाती है और यह सक्रियता ही हृदयाघात और पक्षाघात से जुड़ी हुई है। सेंट जॉन्स न्यूफाउन्डलैंड स्थित मेमोरियल यूनिवर्सिटी में किए गए अध्ययन यह दर्शाते हैं कि सुबह में प्लैटलेट की सक्रियता को संशोधित करने के मामले में नाश्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अध्ययन के दौरान जिन व्यक्तियों पर प्रयोग किया गया उन्होंने कम वसा वाला नाश्ता या वसामुक्त दही, संतरे का रस, फल और पनीर जैसे दूध आधारित प्रोटीन का सेवन किया था। अतः यदि आप नाश्ता से परहेज करते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप इस आदत में तुरन्त परिवर्तन लाएं। आज हीं कुछ फल और दूध  प्रतिदिन लेने की सरल योजना बनाइए। इस सरल योजना से आपके रक्त के प्लेटलेट्स आपस में नहीं चिपकेंगे, उसके अन्दर थक्का नहीं जमेगा और संभवतः आप हृदयाघात या पक्षाघात से स्वयं को बचा पायेंगे।

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