भूगोल और आप | भूगोल और आप फ्री आर्टिकल |

गंगा नदी में कितनी डाल्फिन सरकार पता लगायेगी

गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता जानने हेतु केंद्र सरकार गंगा के पानी में मौजूद डॉल्फिन तथा अन्य जलचरों की संख्या का पता लगायेगी। गौरतलब है कि डॉल्फिन तथा कुछ दूसरे जलचरों की संख्या गंगा नदी में घटती जा रही है । ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के तहत, इसके लिए एक सर्वेक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

गत् एक मार्च से उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित नरौरा से शुरू हुए प्रथम चरण के सर्वेक्षण में 165 किलोमीटर तक गंगा नदी के जल को परखा जायेगा। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के द्वारा कराये जा रहे इस सर्वेक्षण से प्राप्त परिणामों से वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर गंगा नदी के जल की गुणवत्ता को सुधारने में सहायता मिलेगी।

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की स्वायत्त शासी संस्था, भारतीय वन्य जीव संस्थान के द्वारा यह सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है ।

एनएमसीजी में कंसलटेंट के रूप में कार्यरत ‘संजीव बैहरा’ ने  भूगोल औऱ आप से एक बातचीत में बताया कि “यह सर्वेक्षण गंगा नदी में मौजूद डॉल्फ़िन, घड़ियाल, कछुए और अन्य जलीय प्रजातियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करने में सहायता देगा । यह सर्वेक्षण  इसलिये महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा पहली बार होगा कि सभी संबंधित राज्य इस सर्वेक्षण का हिस्सा बनेंगे , अत: यह सर्वेक्षण सिर्फ एक राज्य पर आधारित नहीं होगा।”

राष्ट्रीय जल-जीव डॉल्फिन के साथ ही कछुओं औऱ घड़ियालों की संख्या का पता भी लगाया जायेंगा। 2015 में, उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा कराये गये सर्वेक्षण में अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में 1263 डॉल्फिनों का, गंगा औऱ उसकी सहायक नदियों के 3350 किलोमीटर सर्वेक्षण क्षेत्र में पता चला था ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.