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LIVE: मानसून 2020, जलाशय व खरीफ बुआई की दशा व दिशाः साप्ताहिक अपडेट

   भारत में मानसून अपडेट 3 जुलाई, 2020 की स्थिति   

-दक्षिण-पश्चिम मानसून 25 जून, 2020 को राजस्थान के कुछ अन्य हिस्सों, उत्तर प्रदेश एवं हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों तथा पूरी दिल्ली, हरियाणा के कुछ हिस्सों एवं पंजाब के अधिकांश हिस्सों में पहुंच गयी।

-पूर्वी छोर वाला मानसून उत्तर दिशा की ओर उन्मुख होते हुये हिमालय के गिरिपाद में पहुंच चुका है।

-दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी वर्षा के साथ ही सप्ताह के दौरान एक दिन पश्चिम राजस्थान में हीट वेव की स्थिति महसूस की गई। 30 जून, 2020 को बीकानेर (राजस्थान) में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

-1 जून से 1 जुलाई 2020 तक 175.0 मिलीमीटर (एमएम) की सामान्य वर्षा के मुकाबले 201-6 मिलीमीटर की वर्षा हुयी जो 15 प्रतिशत आधिक्य है।

-आलोच्य अवधि में कुल 36 सबडिविजन स्टेशनों में से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई जबकि 15 स्टेशनों में कमजोर वर्षा दर्ज की गई।

-बिहार के कुल 38 जिलों में से 24 जिलों में बहुत अधिक वर्षा (एलई) दर्ज की गई। वहीं उत्तर प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 25 जिलों में बहुत अधिक (एलई) वर्षा रिकॉर्ड की गई। देश के कुल 683 जिलों में से 144 जिलों में काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई जबकि 198 जिलों में सामान्य जबकि 156 जिलों में कमजोर वर्षा दर्ज की गई।

भारत में जलाशयों की स्थिति

– 2 जुलाई, 2020 तक भारत में 123 महत्वपूर्ण जलाशयों, जिनकी निगरानी केंद्रीय जल आयोग द्वारा की जाती है, में कुल जल 54.893 बिलियन क्युबिक मीटर (बीसीएम) था जो कि पूर्ण भंडारण क्षमता का 32 प्रतिशत है।

-यदि विगत वर्ष की इसी अवधि से तुलना करें तो उपर्युक्त जल भंडारण पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) पर भंडारण क्षमता का 32 प्रतिशत है जबकि विगत वर्ष जल भंडारण 29.202 बीसीएम था यानी एफआरएल का 17 प्रतिशत।

-इस वर्ष का भंडारण विगत वर्ष के भंडारण का 188 प्रतिशत है और विगत 10 वर्षों के भंडारण का 154 प्रतिशत है। 99 जलाशयों में 80 प्रतिशत से अधिक भंडारण है।

खरीफ फसल के तहत क्षेत्र

2 जुलाई, 2020 की स्थिति के अनुसार चावल के अधीन 68.08 लाख हैक्टेयर क्षेत्र था जो विगत वर्ष के मुकाबले 18.85 लाख हैक्टेयर अधिक है।

चावलः बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब 68.08 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 49.23 लाख हेक्टेयर था।

दलहनः बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब 36.82 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 9.46 लाख हेक्टेयर था।

मोटे अनाजः बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब 70.69 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 35.20 लाख हेक्टेयर था।

तिलहनः बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब 109.20 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 33.63 लाख हेक्टेयर था।

Source: IMD, Department of Agriculture, Cooperation and Farmer Welfare

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   भारत में मानसून अपडेट 26 जून , 2020 की स्थिति   

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)  ने 1 जून को भारत में मानसून के आगमन की आधिकारिक पुष्टि की थी। भारत में मानसूनी वर्षा की अद्यतन स्थिति इस प्रकार हैः

-26 जून, 2020 की स्थिति के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत के सभी हिस्सों में पहुंच चुका है। इसका मतलब यह है कि देश के सभी हिस्सों में पहुंचने की सामान्य तिथि 8 जुलाई से 12 दिन पहले ही मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है। सभी 36 सब-डिविजन में पहुंचने पर मानसून का अखिल भारतीय प्रसार माना जाता है।

-दो चक्रवातीय परिसंचरणों; एक पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं पड़ोस में तथा दूसरा ओडिशा एवं पड़ोस में तथा इनका मध्य क्षोभमंडलीय स्तर तक विस्तार की वजह से गरज के साथ भारी वर्षा हो रही है।

1-25 जून, 2020 तक भारत में वर्षा की स्थिति

-1 से 25 जून के बीच भारत में वास्तविक वर्षा 155.2 मिलीमीटर (MM) दर्ज की गई है जो 128.2 एमएम की सामान्य वर्षा (एलपीए) से 22 प्रतिशत अधिक है।

-24 जून तक कुल 36 में से 5 सब-डिविजन (21 प्रतिशत) में बहुत अधिक तथा 10 सब-डिविजन (28 प्रतिशत) में अधिक वर्षा हुयी है।

-1 जून से 24 जून तक बिहार में 114-5 की सामान्य वर्षा के मुकाबले 182.1 एमएम की वास्तकि वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है। आलोच्य अवधि में 91.4 एमएम की वर्षा हुयी है जो सामान्य के 58.7 एमएम से 56 प्रतिशत अधिक है।

-हालांकि इसी अवधि में दिल्ली में सामान्य से 29 प्रतिशत कम वर्षा हुयी है। दिल्ली में 1-24 जून के बीच 26.9 एमएम की वर्षा हुयी है।

-आलोच्य अवधि में मध्य प्रदेश में 162-3 एमएम वर्षा हुयी है जो सामान्य वर्षा 77.3 एमएम से 110 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में 126.9 एमएम के मुकाबले 251.5 एमएम की वर्षा हुयी है जो 98 प्रतिशत अधिक है।

भारत में जलाशयों की भंडारण क्षमता

25 जून, 2020 तक भारत में 123 महत्वपूर्ण जलाशयों, जिनकी निगरानी केंद्रीय जल आयोग द्वारा की जाती है, में कुल जल 56.725 बिलियन क्युबिक मीटर (बीसीएम) था जो कि पूर्ण भंडारण क्षमता का 33 प्रतिशत है।

-यदि विगत वर्ष की इसी अवधि से तुलना करें तो उपर्युक्त जल भंडारण पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) पर भंडारण क्षमता का 33 प्रतिशत है जबकि विगत वर्ष जल भंडारण 29.166 बीसीएम था यानी एफआरएल का 17 प्रतिशत।

-इस वर्ष का भंडारण विगत वर्ष के भंडारण का 194 प्रतिशत है और विगत 10 वर्षों के भंडारण का 171 प्रतिशत है। 104 जलाशयों में 80 प्रतिशत से अधिक भंडारण है।

खरीफ फसल के तहत क्षेत्र

24 जून, 2020 की स्थिति के अनुसार चावल के अधीन 37.71 लाख हैक्टेयर क्षेत्र था जो विगत वर्ष के आलोच्य सप्ताह 5.66 लाख हैक्टेयर अधिक है।

  • चावल:  बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब71 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 32.05 लाख हेक्टेयर था।
  • दलहन:  बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब40 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 11.45 लाख हेक्टेयर था।
  • मोटे अनाज:  बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब96 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 26.09 लाख हेक्टेयर था।
  • तिलहन:  बुवाई कवरेज क्षेत्र इस वर्ष अब तक करीब31 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 24.07 लाख हेक्टेयर था।Source: IMD, Department of Agriculture, Cooperation and Farmer Welfare

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