भूगोल और आप |

सागर की तली में मौजूद हैं भविष्य की जरूरतें

पिछली दो शताब्दियों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में कल्पनातीत प्रगति होने के परोक्ष प्रभावस्वरूप मानव आबादी में भी अत्यधिक वृद्धि हुई है। आज पृथ्वी पर जितने मनुष्य निवास करते हैं उतने इतिहास के किसी भी काल में नहीं करते थे। साथ ही मनुष्य की भौतिक आवश्यकताओं में जितनी बढ़ोतरी हुई है उतनी पहले कभी भी नहीं हुई थी। आज हर व्यक्ति औसतन जितनी ऊर्जा खर्च कर रहा है उतनी उसने पहले कभी भी खर्च नहीं की थी। परिणामस्वरूप...

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